रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना हुई कंकाल बन चुकी माँ बेटी को छुड़ाया गया

  

राजधानी में बीते शाम को एक रोंगटे खड़े कर देने बाली घटना सामने आई है, एक घर से एक माँ बेटी को छुड़ाया गया जिसके पति की मौत 2007 में हो चुकी थी, बताया जा रहा है कि मां बेटी इस कमरे में कई सालों से कैद थीं।
इस मामले में एक बुजुर्ग को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया है। बुधवार देर शाम जानकारी मिलने पर आरडब्ल्यूए के कुछ लोग पुलिस को लेकर घर पहुंचे। कमरे से बदबू आ रही थी। छोटे से अंधेरे कमरे में एक चारपाई पर मां बेटी सिर्फ सांस ले रही थीं। कमरे में बाहर की हवा या रोशनी तक नहीं थी।
पुलिस भी अपने मुह पर कपडा बांध कर अन्दर दाखिल हो पाई, जहा पर ना तो हवा आपने का साधन था वो दोनों अंधरे में एक छोटी सी खाट पर पड़ी मिली. उसके बाद उन दोनों माँ बेटी को बहार निकाला गया, फिर प पीसीआर से ही हॉस्पिटल ले जाया गया,
कंकाल बन चुकीं मां-बेटी के शरीर में इतनी भी ताकत नहीं कि वह कुछ बोलकर बयान दे सकें। पुलिस के अधिकारीयों ने कहा है की अभी दोनों माँ बेटी इस हालत में नहीं है जो की बयां दे सके, अभी ठीक होने पर ही उन दोनों से बयां लिया जायेगा.
पुलिस के मुताबिक रेस्क्यू की गई दोनों माँ बेटी कलावती मिश्रा (मां) व दीपा मिश्रा (बेटी) हैं। उसके घर एक बुजुर्ग जिसका नाम महावीर मिश्र है, वो रिटायर्ड MTNL का कर्मचारी है, ये घटना डाबड़ी इलाके के महावीर एन्केल्व पार्ट-2, गली नंबर-11 ए-ब्लॉक का है। ये मकान महावीर मिश्रा का ही है, वो ग्राउंड फ्लोर पर एक स्टेशनरी का शॉप चलाता ही, शुरुआती जांच में मालूम चला है किबुजुर्ग महावीर मिश्रा के दो बेटे थे। दोनों की मौत बहूत पहले ही गई है, जिनमें एक बेटे तेजबहादुर की मौत 2007 में हुई थी। पति की मौत के बाद कलावती अपनी बेटी दीपा के साथ इसी घर में रह रही हैं। बुजुर्ग महावीर की वाइफ का भी देहांत हो चुका है। बताया जा रहा है कि दूसरे बेटे की वाइफ व बच्चे महावीर के गलत बर्ताव की वजह से अलग रह रहे हैं। आसपास के लोगों ने तेजबहादुर की मौत के बाद कुछ समय तक ही उनकी पत्नी कलावती और दीपा को बाहर आते-जाते देखा था। उसके बाद उन्हें कभी नहीं देखा। लोगों ने हालचाल जानने की कोशिश भी की मगर महावीर के झगड़ालू रवैये से सभी दूरी बनाकर रखते हैं।
RWA ने ही पुलिस में कंप्लेंट दिया था तभी पुलिस वह पर दबिश दी और दोनों जिंदा माँ बेटी जो की सिर्फ साँसे ही ले रही थी छुड़ाया गया,

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