विश्वकर्मा पूजा 2017, मुहुर्त, पूजा की विधि




Vishwakarma puja 2017 :- हिन्दू धर्म में भगवान् विश्वकर्मा को निर्माण व् सृजन का देवता माना जाता है. माना जाता है की रावण की सोने की लंका का निर्माण उन्होंने ही किया था. विश्वकर्मा हस्तलिपि के देवता थे जिन्होंने मनुष्य को सभी कलाओं का ज्ञान दिया है.

भगवान विश्वकर्मा कौन थे ?

भारत वर्ष में इन्हें साधन, औजार, युक्ति और निर्माण के देवता के रूप में पूजा जाता है. हमारे हिंदु पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान विश्‍वकर्मा को देव शिल्‍पी के नाम से भी जाना जाता है। ऋगवेद में भगवान विश्‍वकर्मा का और उनके कार्यो का पूर्ण विवरण किया गया है।

कौन-कौन सी संरचनाए की है भगवान विश्वकर्मा ने ?

कहा जाता है कि सभी पौराणिक संरचनाएं, भगवान विश्‍वकर्मा द्वारा निर्मित हैं। भगवान विश्‍वकर्मा का जन्‍म देवताओं और राक्षसों के बीच हुए समुद्र मंथन द्वारा हुआ था। पौराणिक युग के सभी अस्‍त्र और शस्त्रों का निर्माण भगवान विश्‍वकर्मा ने ही किया हैं। वज्र का निर्माण भी उन्‍होने ही किया था। भगवान विश्‍वकर्मा ने ही लंका का निर्माण किया था। इसके पीछे कहानी है – भगवान शिव ने माता पार्वती के लिए एक महल का निर्माण करने के लिए भगवान विश्‍वकर्मा को कहा, तो भगवान विश्‍वकर्मा ने सोने के महल को बना दिया।Vishwakarma puja

इस महल के पूजन के दौरान, भगवान शिव ने राजा रावण को आंमत्रित किया। रावण, महल को देखकर मंत्रमुग्‍ध हो गया और जब भगवान शिव ने उससे दक्षिणा में कुछ लेने को कहा, तो उसने सोने का महल ही मांग लिया। भगवान शिव ने उसे महल दे दिया और वापस पर्वतों पर चले गए। इसी प्रकार, भगवान विश्‍वकर्मा की एक कहानी और है- महाभारत में पांडव जहां रहते थे, उस स्‍थान को इंद्रप्रस्‍थ के नाम से जाना जाता था। इसका निर्माण भी विश्‍वकर्मा ने किया था। कौरव वंश के हस्तिनापुर और भगवान कृष्‍ण के द्वारका का निर्माण भी विश्‍वकर्मा ने ही किया था। अंत: विश्‍वकर्मा पूजन, भगवान विश्‍वकर्मा को समर्पित एक दिन है। इस दिन का औद्योगिक जगत और भारतीय कलाकारों, मजबूरों, इंजीनियर्स आदि के लिए खास महत्‍व है। भारत के कई हिस्‍सों में इस दिन काम बंद रखा जाता है और भगवन विश्वकर्मा की पूजा की जाती है।

ब्राह्मणों की माने तो विश्वकर्मा पूजा जन कल्याणकारी है। इसीलिए प्रत्येक व्यक्तियों को सृष्टिकर्ता, शिल्प कलाधिपति, तकनीकी ओर विज्ञान के जनक भगवान विशवकर्मा जी की पुजा-अर्चना अपनी व राष्टीय उन्नति के लिए अवश्य करनी चाहिए।

विश्‍वकर्मा पूजा का मुहूर्त (Vishwakarma puja muhurt 2017) :

विश्वकर्मा पूजा करने की तिथि 17 सितंबर 2017, रविवार है। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 00:54 है।

विश्‍वकर्मा पूजा

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